दिन कि शुरुआत हो और चाय कि बात ना हो खासकर भारत में तो दिन अधूरा ही लगेगा। यह न सिर्फ सुबह की शुरुआत का हिस्सा है, बल्कि दिनभर की थकान और तनाव को भी हल्का करने में मदद करती है। इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि गरीब हो या अमीर हर कोई इसे अफोर्ड कर सकता है। दुकाने पर और छोटे ढाबों पर इसकी कीमत 10 रुपए से 20 रुपए तक रहती है।

चाय हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन गई है। यदि भारत की बात करें तो शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिसकी सुबह की शुरुआत और यूँ कहें कि दिन की शुरुआत बिना चाय के होती हो। हो सकता है कि चाय बनने की विधि और रेसिपी हर जगह की थोड़ी बहुत अलग हो। ये भी हो सकता है कि कुछ लोगों को बिना दूध वाली चाय, मतलब काली चाय, पसंद हो तो किसी को दूध वाली चाय पसंद हो, लेकिन चाय के दीवाने सब हैं। आज हम देखते हैं कि चाय बनती कैसे है? यहाँ हम जो चाय बनाने का तरीका बता रहे हैं, वह तरीका है जिसे लगभग हर भारतीय अपने घर में चाय बनाता है। दूध वाली चाय को कई बार मसाला चाय भी बोली जाती है, क्योंकि इसमें अनेक तरह की हर्ब्स जैसे अदरक, लौंग, इलायची आदि डाली जा सकती हैं।
कई बार तो घर में सिरदर्द ठीक करने या सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए भी चाय पिलाई जाती है।
अब देखते हैं, इस चाय के जादू का राज क्या है? जितना छोटा नाम चाय है, उतनी ही छोटी बनाने की विधि। 10 मिनट्स में बन जाती है आपकी चाय।
क्या चाहिए सामग्री चाय बनाने के लिए?
- चाय का भगोना
- पानी
- चायपत्तियां
- अदरक
- लौंग
- चाय छानने की छन्नी (अगर नहीं है तो या चाहें तो सूती पतले कपड़े से छान सकते हैं)
- इलायची, काली मिर्च (अगर आपको पसंद हो तो, जरूरी नहीं है)
बनाने की विधि: (दो कप चाय के लिए)
अब आप चाय का भगोना लें और उसमें एक ढाई कप पानी लें और उसे उबालने दें। फिर उसमें एक टुकड़ा अदरक, 4 लौंग और 2 काली मिर्च कूटकर डाल दें। अब आप उसमें आधा कप दूध डाल दें और उबालने दें। जब इसमें ६ से ७ उफान आ जाएं या ४-५ मिनट अच्छे से उबाल जाए, तो इसमें चीनी डाल दें और एक मिनट उबालने दें ताकि चीनी अच्छे से मिल जाए। अब आपकी गरमा गरम चाय तैयार है।
भारत में अधिकतर लोग सुबह और शाम इसी तरह से बनी चाय पीते हैं। इसे स्नैक्स (जैसे बिस्कुट, नमकीन, पकौड़ी आदि) के साथ भी मेहमानों को परोसा जाता है। अब यह संस्कृति का एक ऐसा हिस्सा बन गया है कि यदि आप किसी के घर जाएं और वो चाय पीने के लिए नहीं पूछे, तो इसे अपमान माना जाता है। हालांकि समय के परिवर्तन के साथ अब बड़े शहरों में सॉफ्ट ड्रिंक्स ने चाय की जगह लेना शुरू जरूर कर दिया है, लेकिन चाय के शौकीन लोगों की संख्या ज्यादा है। लेकिन अधिक मात्र में या अधिक चाय पीने से गैस से संबंधित शिकायत हो सकती है इसलिए इसे दिन में अधिक बार ना पीये ।
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